जब संतों की करुणा जेल की दीवारों तक पहुँची — आचार्यश्री की भावना हुई साकार
जब कोई व्यक्ति जेल की सलाखों के पीछे पहुंचता है, तो केवल उसकी स्वतंत्रता ही नहीं छिनती, बल्कि कई बार उसके जीवन की आशाएं, आत्मविश्वास और भविष्य के सपने भी धुंधले पड़ जाते हैं।
लेकिन संतों की दृष्टि अपराध पर नहीं, आत्मा पर होती है। इसी करुणामयी दृष्टि के कारण संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने वर्षों पूर्व जेलों में बंद बंदी भाइयों के जीवन सुधार और उन्हें पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिव्य भावना व्यक्त की थी।
उसी पावन प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए, युवा प्रेरणास्रोत निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 वीरसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य एवं आशीर्वाद से केंद्रीय कारागार, विजयपुरा में “आचार्य श्री विद्यासागर जी कंप्यूटर प्रशिक्षण एवं ध्यान केंद्र” का शुभारंभ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
एक नई शुरुआत की ओर
कुछ दिन पूर्व जब गुरुदेव का मंगल प्रवचन जेल में हुआ, तब अनेक बंदी भाइयों की आंखों में पश्चाताप के आँसू और एक नए जीवन की आशा स्पष्ट दिखाई दे रही थी। कई बंदी भाइयों ने अपने जीवन को बदलने, सदाचार अपनाने एवं नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।
आज उन्हीं संकल्पों को दिशा देने के लिए यह केंद्र प्रारंभ किया गया है।
केंद्र में उपलब्ध सुविधाएँ
इस केंद्र के माध्यम से बंदी भाइयों को निम्नलिखित सुविधाएँ एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा:
- कंप्यूटर प्रशिक्षण
- ध्यान एवं आत्मचिंतन
- संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास
- आत्मनिर्भर जीवन की प्रेरणा
Vidya Grace Foundation का योगदान
इस केंद्र की स्थापना हेतु Vidya Grace Foundation द्वारा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिनमें कंप्यूटर सेट, साउंड सिस्टम, योगा मैट तथा अन्य प्रशिक्षण सामग्री शामिल हैं, ताकि बंदी भाइयों को सीखने, आत्मविकास एवं सकारात्मक जीवन की दिशा में बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
एक बंदी का पुनर्निर्माण — एक परिवार का पुनर्जन्म
आचार्यश्री की वह दिव्य भावना, जिसमें जेलों में बंद व्यक्तियों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प निहित था, आज एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में साकार हुई है।
Vidya Grace Foundation इस पुण्य कार्य को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले जेल प्रशासन, सभी सहयोगी दानदाताओं, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है।
यह संपूर्ण सेवा कार्य Vidya Grace Foundation (VGF) के सौजन्य से संपन्न हुआ।

